
मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म की वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार को हुई इस भयावह घटना के बाद रविवार को NH-12 जाम, सड़क पर जनता का आक्रोश और प्रशासन पर सवालों की बौछार—पूरा जिला आगबबूला नज़र आया।
कहते हैं “न्याय में देरी, जनता की बेचैनी बढ़ाती है”, और यहां बिल्कुल वही हुआ।
आरोपी सलमान फरार, पुलिस ड्रोन तक उड़ा रही—लेकिन हाथ खाली
23 वर्षीय आरोपी सलमान, जो दो–तीन महीने पहले ही गांव में रहने आया था, वारदात के बाद ऐसे गायब हुआ जैसे एग्ज़ाम के दिन स्टूडेंट का टॉपर बनना—असंभव लेकिन फिर भी हो गया।
पुलिस की 8 टीमें + ड्रोन + 10,000 रुपये का इनाम, सबकुछ लगा है… बस आरोपी ही नहीं लग रहा।
NH-12 जाम: जनता का गुस्सा सड़कों पर
रविवार को गोहरगंज और आसपास के लोग सड़क पर उतरे। NH-12 (जयपुर–जबलपुर हाईवे) को ब्लॉक कर दिया गया। कहीं नारेबाज़ी, कहीं धरना—“न्याय चाहिए, अभी चाहिए” की आवाजें गूंजती रहीं।
विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा—“मन व्यथित है, पर मैं चैन से नहीं बैठूंगा”
रायसेन, विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस घटना पर काफ़ी सख़्त दिखे।
उन्होंने भोपाल के अस्पताल जाकर पीड़िता की स्थिति जानी और कहा:
“मन व्यथित और अत्यंत आक्रोशित है। बेटी का इलाज सर्वोच्च स्तर पर हो, यह सुनिश्चित किया है।”
फिर आया शिवराज का फ़ुल-ऑन ‘टफ-गाय’ मोड:
“जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। गिरफ्तारी के बाद केस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में जाएगा।”
यह बयान जनता को वही सुकून देता है, जो exam में 10 मिनट extra मिल जाने पर मिलता है।
पुलिस की खोज—सीहोर से रायसेन तक छानबीन
क्योंकि आरोपी सीहोर का रहने वाला है, इसलिए वहां भी सर्च तेज़। ड्रोन उड़ रहे, पुलिस दौड़ रही… बस आरोपी PUBG मोड में vanish।
जनता की मांग—“बस, अब फास्ट जस्टिस चाहिए”
लोगों का कहना बिल्कुल साफ़ है— “बात सिर्फ एक बच्ची की नहीं, पूरे समाज की सुरक्षा की है।”
और सच भी है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए— क्या हमारे बच्चे सुरक्षित हैं? कब तक ऐसे अपराधी बचते रहेंगे?
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